स्टार्टअप इंडिया इकोसिस्टम में 2 लाख से ज़्यादा मान्यता प्राप्त स्टार्टअप
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DPIIT-मान्यता प्राप्त स्टार्टअप
लॉन्च से पहले (जनवरी 2016 से पूर्व)
0 (कार्यक्रम अस्तित्व में नहीं था)
2025
2,00,000+
2016 में शून्य स्टार्टअप को मान्यता देने वाला यह कार्यक्रम अब 2 लाख से ज़्यादा स्टार्टअप को मान्यता दे चुका है — और पूरा इकोसिस्टम सैकड़ों अरब डॉलर का हो गया है।
शुरू से एक औपचारिक मान्यता व्यवस्था
जनवरी 2016 में शुरू हुई स्टार्टअप इंडिया पहल का मकसद नई कंपनियों के लिए लालफ़ीताशाही कम करना और टैक्स व फंडिंग सहायता देना था। जनवरी 2025 तक 1.59 लाख से ज़्यादा स्टार्टअप को DPIIT से मान्यता मिल चुकी थी; 2025 के आगे तक यह आंकड़ा 2 लाख को पार कर गया, और 2025 में अब तक के सबसे ज़्यादा सालाना स्टार्टअप पंजीकरण दर्ज हुए।
स्टार्टअप से यूनिकॉर्न तक
भारत में यूनिकॉर्न (जिन निजी स्टार्टअप की वैल्यू $1 अरब से ज़्यादा हो) की संख्या 100 को पार कर चुकी है, जिससे यह ज़्यादातर ट्रैकरों के अनुसार दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा यूनिकॉर्न हब बन गया है — हालांकि सटीक संख्या ट्रैकिंग स्रोत और तारीख के अनुसार थोड़ी अलग-अलग (करीब 100-130) होती है, क्योंकि नए यूनिकॉर्न जुड़ते रहते हैं और कुछ IPO या अधिग्रहण के ज़रिए बाहर निकल जाते हैं।
कहां हो रही है यह बढ़त
यह इकोसिस्टम फिनटेक, ई-कॉमर्स, SaaS और अब गहरी तकनीक (डीप-टेक) क्षेत्रों तक फैला है।
स्रोत
- Nine Years of Startup IndiaPress Information Bureau, Government of IndiaOfficial / primary source
- Unicorns in India: List of startup companies with unicorn status in 2025Forbes IndiaReputable media
आख़िरी बार सत्यापित: 14 सित॰ 2026
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