मोदी ने क्या किया है
प्रत्यक्ष प्रभाव

जन धन योजना से 56 करोड़ भारतीय बैंकिंग व्यवस्था से जुड़े

अग॰ 2014अग॰ 2025

पहले बनाम अभी

खुले बैंक खाते

लॉन्च से पहले (अगस्त 2014 से पूर्व)

0 (योजना अस्तित्व में नहीं थी)

2025 का मध्य

56+ करोड़ खाते

कुल जमा राशि

लॉन्च से पहले

₹0

2025 का मध्य

₹2.67 लाख करोड़

2014 में शून्य से शुरू हुई यह वित्तीय समावेशन योजना अब 56+ करोड़ खातों में ₹2.67 लाख करोड़ से ज़्यादा जमा रखती है — जिनमें ज़्यादातर ग्रामीण भारत में हैं।

शून्य से सार्वभौमिक तक

अगस्त 2014 में शुरू हुई प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) का लक्ष्य हर भारतीय परिवार को बैंक खाते की सुविधा देना था। 2025 के मध्य तक 56 करोड़ से ज़्यादा खाते खुल चुके हैं जिनमें जमा राशि ₹2.67 लाख करोड़ को पार कर गई है — जो 2023 के अंत में 51.04 करोड़ खातों और ₹2.08 लाख करोड़ जमा से बढ़ी है।

ग्रामीण भारत तक पहुंच

मार्च 2025 तक खुले 55.02 करोड़ खातों में से 36.63 करोड़ खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में थे, जिससे औपचारिक बैंकिंग उन जगहों तक पहुंची जहां पहले शायद ही पहुंचती थी।

अन्य सुधारों की नींव

PMJDY खाते JAM ट्रिनिटी (जन धन-आधार-मोबाइल) की नींव हैं, जिसके ज़रिए कल्याणकारी योजनाओं का पैसा बिचौलियों के बजाय सीधे लाभार्थियों के खाते में जाता है — यही वह इन्फ्रास्ट्रक्चर है जिसके चलते इस साइट पर अलग से दर्ज डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर की बचत संभव हुई।

वित्तीय समावेशनबैंकिंगजन धनJAM ट्रिनिटी

स्रोत

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आख़िरी बार सत्यापित: 14 सित॰ 2026

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